फसल सलाह

मौसम के अनुसार सही फसल का चुनाव और वैज्ञानिक प्रबंधन से पाएं बेहतर उत्पादन

गेहूं (Wheat)

गेहूं (Wheat) की बुवाई का समय नवंबर से दिसंबर तक होता है। इसकी पहली सिंचाई बुवाई के लगभग 21 दिन बाद (CRI स्टेज) करनी चाहिए और पूरी फसल के दौरान कुल 4–6 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है। कीट प्रबंधन के लिए दीमक नियंत्रण हेतु क्लोरपाइरीफॉस का प्रयोग किया जाता है, जबकि रतुआ रोग से बचाव के लिए प्रोपिकोनाज़ोल का छिड़काव किया जाता है। उचित देखभाल के साथ गेहूं की अनुमानित उपज लगभग 50–60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।

भिंडी (Okra)

भिंडी (Okra) की बुवाई का समय फरवरी से मार्च तक होता है। गर्मी के मौसम में इसकी फसल को 4–5 दिनों के अंतराल पर नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है। कीट प्रबंधन के लिए फल छेदक कीट से बचाव हेतु फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करना चाहिए और नीम तेल का नियमित छिड़काव करना लाभदायक होता है। उचित देखभाल के साथ भिंडी की अनुमानित उपज लगभग 100–120 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।

तरबूज (Watermelon)

तरबूज (Watermelon) की बुवाई का समय जनवरी से मार्च तक होता है। इसकी खेती में ड्रिप सिंचाई सबसे उत्तम मानी जाती है, और फल पकने के समय पानी कम कर देना चाहिए ताकि मिठास बढ़ सके। कीट प्रबंधन के लिए फ्रूट फ्लाई से बचाव हेतु ट्रैप लगाना चाहिए तथा पाउडरी मिल्ड्यू रोग के नियंत्रण के लिए सल्फर का प्रयोग करना चाहिए। उचित देखभाल के साथ तरबूज की अनुमानित उपज लगभग 400–500 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।।

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