सोयाबीन का पीला मोज़ेक रोग

सोयाबीन का पीला मोज़ेक रोग एक विषाणु जनित रोग है जो सफेद मक्खी द्वारा फैलता है। यह रोग सोयाबीन की उपज को 10-90% तक कम कर सकता है।

रोग के लक्षण

  • पत्तियों पर पीले और हरे रंग का मोज़ेक पैटर्न
  • पत्तियों का सिकुड़ना और छोटा रहना
  • पौधों की वृद्धि रुकना
  • फलियों की संख्या कम होना
  • दानों का आकार छोटा रहना

रोग के कारण

  • सफेद मक्खी द्वारा विषाणु का प्रसार
  • गर्म और शुष्क मौसम
  • संक्रमित पौधों के पास बुवाई
  • खरपतवार में विषाणु का रहना
  • देरी से बुवाई

उपचार के तरीके

  • सफेद मक्खी नियंत्रण: इमिडाक्लोप्रिड @ 0.5 मिली/लीटर
  • थायामेथोक्सम का छिड़काव
  • डायमिथोएट 30% EC @ 2 मिली/लीटर
  • संक्रमित पौधों को हटाएं
  • पीले चिपचिपे ट्रैप लगाएं

रोकथाम के उपाय

  • समय पर बुवाई (जून के पहले पखवाड़े में)
  • बीज उपचार: इमिडाक्लोप्रिड @ 5 ग्राम/किलो
  • रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन
  • खरपतवार नियंत्रण
  • बॉर्डर क्रॉप के रूप में मक्का या ज्वार
  • उचित पौध दूरी
  • नीम तेल का छिड़काव
  • फसल चक्र अपनाएं

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