तना बेधक मक्का की फसल का एक प्रमुख कीट है जो तने के अंदर घुसकर फसल को अंदर से खाता है। यह कीट 25-40% तक उपज हानि का कारण बनता है।

रोग के लक्षण
- •पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद दिखाई देते हैं
- •केंद्रीय पत्ती सूखकर मर जाती है (डेड हार्ट)
- •तने में छेद और कीट का मल दिखाई देता है
- •पौधों का टूटना या मुड़ना
- •भुट्टों का सड़ना और खराब होना
रोग के कारण
- •पिछली फसल के अवशेषों में कीट का जीवित रहना
- •गर्म और नम मौसम
- •खरपतवार की उपस्थिति
- •एक ही फसल को लगातार उगाना
- •प्राकृतिक शत्रुओं की कमी
उपचार के तरीके
- •क्लोरपाइरीफॉस 20% EC @ 2 मिली प्रति लीटर पानी
- •कार्बोफ्यूरान 3% CG @ 20 किलो प्रति हेक्टेयर
- •लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन का छिड़काव
- •बायोपेस्टिसाइड: बी.टी. (Bacillus thuringiensis) का उपयोग
- •पौधों के गूलर में कीटनाशक दानों का प्रयोग
रोकथाम के उपाय
- •गर्मी में गहरी जुताई करें
- •फसल अवशेषों को नष्ट करें
- •फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करें (20-25 प्रति हेक्टेयर)
- •फसल चक्र अपनाएं
- •जल्दी बुवाई करें
- •खरपतवार नियंत्रण करें
- •नीम की खली का उपयोग
- •ट्राइकोग्रामा (अंडा परजीवी) का प्रयोग
